अक्टूबर 2023 में, जब मैं यूट्यूब चला रही थी तभी अचानक गुरूजी से संबंधित कुछ संदेशों पर मेरी दृष्टि पड़ी। मैंने अधिक ध्यान नहीं दिया और आगे बढ गई। पुनः एक दिन जब मैं अस्वस्थ थी, तब मुझे वापस यूट्यूब पर गुरूजी के संदेश दिखने लगे। मैंने एक संदेश खोला तो वह गुरूजी का सत्संग था। मैंने थोड़ा सुना और बंद कर दिया। अगले दिन, फिर मुझे गुरूजी के सत्संग सुनने के संदेश दिखने लगे । मैंने सत्संग सुनने शुरू कर दिये और सत्संग सुनते-सुनते मेरा मन गुरूजी से गहराई से जुड़ गया। मैं और सत्संग सुनने लग गयी। मैंने गुरूजी का एक स्वरुप भी डाउनलोड किया और घर के मंदिर में स्थापित किया और एक प्रति अपने पर्स में भी रख ली।
गुरूजी का आशिर्वाद हमारे जीवन में और हमारे आसपास के लोगों पर भी आने लगा। हम चार भाई बहन हैं, लेकिन हम में से किसी की भी शादी नहीं हो पाई थी। लोग आते, देखते और चले जाते, लेकिन बात नहीं बनती थी। मेरे जीवन में गुरूजी के आगमन के चार महिने पश्चात ही मेरे बड़े भाई का विवाह फरवरी 2024 में हो गया।
मेरी माँ को भी गुरूजी का आशिर्वाद मिला। उनके दाहिने हाथ और पैर में दर्द था, जो अब पुरानी बात हो गई है। मेरे एक वरिष्ठ सहकर्मी को भी जिन्हें सिढियां चढ़ते समय बाँई तरफ पीड़ा होती थी, गुरूजी का स्वरूप मिलते ही राहत मिल गई।
मेरी बिल्ली (ब्राउनी) को सिर में गंभीर चोट लग गयी थी और घाव में कीड़े लग गए थे। परिवार को डर था कि कहीं हम उसको खो न दें; हम विवश थे। मैंने गुरूजी से उसे ठीक करने की प्रार्थना करी। हमारी प्रार्थनाओं के फलस्वरूप, हमारे एक परिचित ने हमारी बिल्ली को अपनी गाड़ी में पशु चिकित्सक के पास पहुँचाया। वहां उसका उपचार तुरंत आरम्भ हो गया, और हमें पता भी नहीं चला कि कब वह पूरी तरह से ठीक हो गयी। जय गुरुजी!
गुरूजी के मुझे आशिर्वाद देने के अपने तरीके हैं। मुझे एक ही दिन में गुरूजी से "दोहरा आशिर्वाद" मिला। एक सुंदर तितली मेरे कंप्यूटर पर आकर बैठ गई, मानो किसी शुभ घटना का पूर्वाभास करा रही हो: मुझे उसी दिन गुरूजी का एक छोटा स्वरूप प्राप्त हुआ।
गुरूजी को बहुत बहुत धन्यवाद।
गुरजिंदर कौर चहल, एक भक्त
जून 2024